LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंट्रेंडिंगदुनियादेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

“रक्षक ही भक्षक! जंगल में कत्ल, रिसॉर्ट में दावत—हिरण कांड में वन विभाग पर संगीन शक”

रक्षक ही भक्षक! जंगल में कत्ल, रिसॉर्ट में दावत—हिरण कांड में वन विभाग पर संगीन शक”

सूत्रों का सनसनीखेज दावा—बिना अंदरूनी मिलीभगत के नहीं पहुंच सकता था शिकार का मांस, छोटे कर्मचारी गिरफ्तार, बड़े चेहरे अब भी बेनकाब नहीं

ये खबर भी पढ़ें…
फर्जी डिग्री के सहारे झोलाछाप इलाज? नोटिस और शपथपत्र के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रैक्टिस जारी होने का आरोप
फर्जी डिग्री के सहारे झोलाछाप इलाज? नोटिस और शपथपत्र के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रैक्टिस जारी होने का आरोप
August 8, 2026
फर्जी डिग्री के सहारे झोलाछाप इलाज? नोटिस और शपथपत्र के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रैक्टिस जारी होने का आरोप...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

बिलासपुर | 28 मार्च 2026 छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा बेलगहना वनपरिक्षेत्र स्थित कुरदर के एथनिक रिसॉर्ट में पकड़े गए संदिग्ध हिरण मांस कांड ने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला अब केवल अवैध शिकार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वन विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।
वन विभाग की टीम ने छापेमारी कर रिसॉर्ट के किचन से पका हुआ संदिग्ध मांस बरामद किया, जिसे हिरण का मांस बताया जा रहा है। मौके से कुक रामकुमार टोप्पो, रिसॉर्ट मैनेजर रजनीश सिंह और कर्मचारी रमेश यादव व संजय वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। सभी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सरकारी रिसॉर्ट में ‘जंगली दावत’

ये खबर भी पढ़ें…
बेटियों की शिक्षा के साथ खेल और अन्य गतिविधियों में भी बढ़ाएं भागीदारी- मुकेश दुबे
बेटियों की शिक्षा के साथ खेल और अन्य गतिविधियों में भी बढ़ाएं भागीदारी- मुकेश दुबे
August 8, 2026
प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास में पालक-बालिका सम्मेलन आयोजित,अतिथियों ने छात्राओं को स्कूल बैग और खेल सामग्री वितरित की...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जांच में सामने आया है कि संबंधित एथनिक रिसॉर्ट का संचालन पर्यटन मंडल द्वारा किया जा रहा है। ऐसे में सवाल और भी गंभीर हो जाते हैं कि सरकारी संरक्षण वाले परिसर में आखिर वन्यजीव का मांस कैसे पहुंचा और खुलेआम पकाया जा रहा था।
सूत्रों का दावा: बिना मिलीभगत संभव नहीं
सूत्रों के अनुसार, जंगल में शिकार से लेकर रिसॉर्ट तक मांस की सप्लाई कोई सामान्य घटना नहीं है। बिना विभागीय लापरवाही या अंदरूनी सहयोग के ऐसा होना संभव नहीं माना जा रहा।
इससे वन विभाग के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी संदेह गहराने लगा है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

मैनेजर ने पल्ला झाड़ा, कुक ने खोली पोल

ये खबर भी पढ़ें…
BPM अरविंद सोनी की वापसी पर उठे सवालों की चर्चा थमी भी नहीं थी कि सामने आया स्वास्थ्य विभाग का एक और कारनामा! सड़क किनारे मिली लाखों की दवाइयां,
BPM अरविंद सोनी की वापसी पर उठे सवालों की चर्चा थमी भी नहीं थी कि सामने आया स्वास्थ्य विभाग का एक और कारनामा! सड़क किनारे मिली लाखों की दवाइयां,
August 8, 2026
BPM अरविंद सोनी की वापसी पर उठे सवालों की चर्चा थमी भी नहीं थी कि सामने आया स्वास्थ्य विभाग का...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

पूछताछ के दौरान मैनेजर ने मांस के स्रोत की जानकारी से इनकार करते हुए पूरा दोष कुक पर डाल दिया। वहीं कुक रामकुमार टोप्पो ने बताया कि गांव के एक व्यक्ति द्वारा मांस लाकर दिया गया था और वह रिसॉर्ट के अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए खाना तैयार कर रहा था। जांच जारी, सैंपल भेजा गया लैब
वन विभाग ने जब्त मांस का सैंपल जांच के लिए जबलपुर स्थित प्रयोगशाला भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मांस किस वन्यजीव का है।

बड़े सवाल अब भी कायम, जंगल से रिसॉर्ट तक मांस कैसे पहुंचा?

क्या इस पूरे मामले में कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है? क्या विभागीय स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत हुई है?
इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।यह मामला वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करता है। यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई आवश्यक होगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

Back to top button
error: Content is protected !!